पीएम नरेन्द्र मोदी और सिविल एविएशन मंत्री अशोक गजपति राजू की पिछले 6 महीने में कई बार मुलाकात हुई, हर बार PM Modi अशोक गजपति राजू से कहते कि देश के छोटे शहरों को हवाई मार्ग से जोड़िये, साथ ही हवाई जहाज का किराया कम कीजिए, प्रधानमंत्री चाहते है कि आम आदमी भी हवाई जहाज से सफर करें ताकि उनका भी एनर्जी और समय बच सके।
पीएम मोदी अपने विचार पर अड़े रहें, लेकिन सिविल एविएशन मंत्री के अनुसार छोटे शहरों में तो हवाई पट्टी धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है, लेकिन किराया कम नहीं हो पा रहा था, जिसकी वजह से आम आदमी इससे यात्रा करने से कन्नी काटते थे। सूत्रों के अनुसार पीएम मोदी ने इस प्रोजेक्ट पर महेश शर्मा को लगाया, तो बात धीरे-धीरे बनने लगी, दो से तीन बैठक के बाद ये तय किया गया कि देश के छोटे शहरों से उड़ान भरने वाली एयरलाइंस को खास रियायत दी जाएगी, ताकि किराया कम किया जा सकें।
इसी कड़ी में सबसे पहले छोटे शहर के हवाई अड्डो से एयरपोर्ट टैक्स को खत्म कर दिया गया, इसके साथ ही सरकार ने वैट और सर्विस टैक्स को ना के बराबर कर दिया है, इतना ही नहीं छोटे शहरों में विमान ईधन में भी भारी रियायत दी गई है, साथ ही इस सेक्टर पर प्रदेश सरकारों को ऑर्थिक मदद भी की। नतीजा ये हुआ कि 4 से 5 हजार प्रति घंटे का खर्च छोटे शहरों या फिर रीजनल सेन्टरों पर 2500 रुपये तक आ गया, सिविल एविएशन मंत्री गणपति राजू ने इस पर नोट तैयार किया और पीएम से मंजूरी दिलाने के बाद इस पर मुहर लग गई।
देश में पहली बार आम आदमी को ध्यान में रखकर एविएशन की नीति बनाई गई, हवाई उड़ानों की सस्ती होने की वजह से ट्रेन से भी लोड कम होगा, पीएम मोदी का मानना है कि आम आदमी को तेज और आरामदायक सफर का मौका देकर देश को उन्नति की दिशा में ये ले जाएगा। यानि अब रात भर का सफर सिर्फ एक घंटे में पूरा कीजिए। अब लखनऊ से रॉची और वाराणसी से भोपाल एक घंटे में सफर कीजिए।