Remember that before Modi era when every now and then bomb blasts used to happen in the country

याद करो वो मोदी जी के सत्ता में आने से पहले का समय, जब आये दिन होते थे देश में बम ब्लास्ट

आजकल देश भर में हर तरफ चुनावी माहौल देखने को मिल रहा है। पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर निशाना साधे हुए है। चलिए आज हम आपको कुछ ऐसी यादे ताज़ा करवाते हैं जो की मोदी जी के सत्ता में आने के पहले की है। अटल जी की सरकार 22 मई 2004 को औपचारिक रूप से विदा हुई थी और फिर श्री मनमोहन सिंह जी को गांधी परिवार ने प्रधानमंत्री के पद पर नियुक्त किया था। इसके बाद अगले दस साल तक कांग्रेस पार्टी की सरकार वर्ष 2014 तक केंद्र में रही।

चलिए जानते है उस दौरान क्या क्या हुआ था।

  • शुरुआत करते है 15 अगस्त 2004 से, इस दिन असम के धिमजी स्कूल में एक बम ब्लास्ट हुआ था जिसमे 18 लोग मारे गए थे और 40 लोग घायल हुए थे।
  • इसके बाद 5 जुलाई 2005 को अयोध्या में राम जन्मभूमि पर आतंकवादियों द्वारा हमला किया गया जिसमे 6 लोगो की जाने गई और इस हमले में दर्जनों लोग घायल भी हुए।
  • यह सिलसिला थमा नहीं और उसी साल 28 जुलाई 2005 को श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन में जौनपुर क्षेत्र में RDX की मदद से बम विस्फोट हुआ जिसमे 13 लोगो की मौत हो गई और 50 लोग घायल हुए।
  • 29 अक्टूबर 2005 को दीपावली के दो दिन पूर्व ही दिल्ली के भीड़भाड़ वाले इलाके गोविंदपुरी, पहाड़गंज और सरोजनी नगर आदि में सीरियल ब्लास्ट हुए जिसमे 70 मासूम लोगों के परखच्चे उड़ गए और इसमें 250 से अधिक लोग घायल हुए।
  • इसके बाद 28 दिसम्बर 2005 को एक आतंकवादी हमला बैंगलोर के इंस्टीट्यूट आफ साइंस पर किया गया जिसमे 1 व्यक्ति की मौत हो गई और 4 लोग घायल हुए।
  • 7 मार्च 2006 को 3 बम ब्लास्ट हुए जो की भीडभाड वाले कैंट रेलवे स्टेशन पर और वाराणसी के प्रसिद्ध संकटमोचन मंदिर में हुए इसमें 28 श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई और 101 लोग घायल हो गए।
  • इसके बाद 11 जुलाई 2006 को मुम्बई में एक साथ कई जगह बम ब्लास्ट हुए जिसमे माहिम, माटुंगा रोड, खार रोड, बांद्रा, जोगेश्वरी, बोरिवली, भाइंदर जैसे स्टेशनों की लोकल ट्रेन को निशाना बनाया गया और इन जगहों पर सीरियल ब्लास्ट किये गए। जिसके चलते 209 लोगो मारे गए और 700 से अधिक लोग घायल हुए।
  • इसी साल 8 सितंबर 2006 में मालेगांव की मस्जिद में एक सीरियल ब्लास्ट हुआ। इस ब्लास्ट ने 37 लोगों को मौत के घाट उतार दिया और 125 लोग घायल हुए।
  • 18 फरवरी 2007 को समझौता एक्सप्रेस में ब्लास्ट हुआ और 68 लोगो की जाने गई साथ ही साथ 50 लोग इस ब्लास्ट में घायल हुए।
  • 14 अक्टूबर 2007 को लुधियाना के एक थियेटर में ब्लास्ट किया गया जिसमे 6 लोग मारे गए।
  • 4 नवम्बर 2007 में सीरियल बम बलास्ट किये गए जो की उत्तर प्रदेश में लखनऊ, अयोध्या और बनारस के न्यायालयों में हुए जिसमे 16 लोग मरे और 79 घायल हुए।
  • 1 जनवरी 2008 रामपुर उत्तर प्रदेश में CRPF के कैम्प पर हमला हुआ जिसमे 8 लोग मरे और 7 लोग घायल हुए।
  • 13 मई 2008 को सीरियल ब्लास्ट हुए जिसमे RDX का इस्तेमाल किया गया। ये ब्लास्ट जयपुर के छोटी चौपड़, बड़ी चौपड़, जौहरी बाजार, मानकपुर पुलिस स्टेशन एरिया, त्रिपोलिया बाजार, कोतवाली क्षेत्र जैसे 9 अलग अलग जगहों पर किये गए। इसमें मरने वालों की संख्या 63 थी और 200 लोग घायल हुए।
  • 25 जुलाई 2008 को फिर से बैंगलुरु में 8 सीरियल ब्लास्ट किये गए जिसमे 2 लोग मरे और 20 लोग घायल हुए।
  • 26 जुलाई 2008 को सीरियल बम ब्लास्ट हुए जिसमे गुजरात के अहमदाबाद में 17 जगहों को निशाना बनाया गया। इसमें 35 लोग मारे गए और 110 लोग घायल हुए।
  • 13 सितंबर 2008 को फिर से दिल्ली के कुछ इलाके जिनमे बारहखम्भा रोड, गफ्फार मार्केट, सेंट्रल पार्क, GK1 आदि शामिल थे, में 31 मिनट के अंदर 5 बम ब्लास्ट हुए। इस दौरान 4 अन्य बम निष्क्रिय भी किये गए। इस ब्लास्ट में 33 लोगो मृत्यु हो गई और 150 से ज्यादा लोग घायल हो गए।
  • 27 सितंबर 2008 को दिल्ली के महरौली में स्थित इलेक्ट्रानिक मार्केट में भी दो बम ब्लास्ट हुए जिसमे 3 लोग मारे गए और 33 लोग घायल हुए।
  • इसके बाद 1 अक्टूबर 2008 को अगरतल्ला में बम विस्फोट हुए जिसमे 4 लोगो की जाने गई और 100 घायल भी हुए।
  • 21 अक्टूबर 2008 को भी बम घमाका हुआ। यह धमाका इम्फाल में में हुआ जिसमे 17 लोग मरे और 50 घायल हुए।
  • 30 अक्टूबर 2008 को फिर से असम क्षेत्र में बम विस्फोट हुए जिसमे 81 लोग मरे और 500 से अधिक घायल हुए।
  • 26 नवंबर 2008 को भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई आतंकवादी हमला हुआ। यह हमला मुम्बई स्थित ओबेराय होटल, ताज होटल, कामा हॉस्पिटल, लियोपोल्ड कैफे, नरीमन हाउस, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस जैसे भीड़ भाड़ वाले क्षेत्रों में हुआ। इसमें 166 लोग मारे गए और 600 से अधिक घायल भी हुए।
  • 1 जनवरी 2009 को गुवाहाटी में बम ब्लास्ट हुआ जिसमे 6 लोग मरे और 67 लोग घायल हुए।
  • 6 अप्रैल 2009 को गुवाहाटी फिर से आतंकी हमला हुआ जिसमे 7 लोग मरे और 62 लोग घायल हुए।
  • 13 फरवरी 2010 को पुणे की जर्मन बेकरी में ब्लास्ट हुआ जिसमे 17 लोग मरे और 70 से अधिक लोग घायल हुए।
  • 7 दिसम्बर 2010 को गंगा आरती के समय बनारस के दशाश्वमेध घाट पर हुआ जिसमे 3 लोग मरे और 36 लोग घायल हुए।
  • 13 जुलाई 2011 को फिर से मुंबई के जावेरी बाज़ार, ओपेरा हाउस, दादर एरिया आदि में ब्लास्ट किये गए जिसमे 26 लोग मारे गए और 130 लोग घायल भी हुए।
  • 7 सितंबर 2011 को दिल्ली के हाईकोर्ट में भी बम ब्लास्ट किया गया। इसमें 17 लोग मरे और 180 से ज्यादा लोग घायल हुए।
  • इसके बाद 13 फरवरी 2011 को इजराइली डिप्लोमेट की कार को उड़ाने का प्रयास किया गया लेकिन बम नहीं फटा। लेकिन इसमें 4 लोग घायल हुए।
  • 1 अगस्त 2012 को पुणे में ब्लास्ट किया गया।
  • 21 फरवरी 2013 को हैदराबाद में दो बम ब्लास्ट हुए जिसमे 18 लोग मरे और 131 लोग घायल हुए।
  • 17 अप्रैल 2013 को बैंगलोर में भी बम ब्लास्ट किये गए जिसमे 14 लोग घायल हुए।
  • 7 जुलाई 2013 को बिहार के बोधगया मे ब्लास्ट हुआ जिसमे 5 लोग घायल हुए।
  • 27 अक्टूबर 2013 को पटना में इंडियन मुजाहिद्दीन द्वारा नरेंद्र मोदी की रैली में आठ बम ब्लास्ट करवाए गए जिसमे 6 लोग मरे और 85 लोग घायल हुए।
  • 1 मई 2014 में भी ब्लास्ट का सिलसिला चलता रहा और चेन्नई में गुवाहाटी बैंगलोर एक्सप्रेस में बम बलास्ट हुआ जिसमे 2 लोग मरे और 14 लोग घायल भी हुए।

बहरहाल घटनाएं सिर्फ यहीं नहीं थी, इसके अलावा भी कांग्रेस सरकार के दौरान आतंकियों के हौसले बुलंद थे और वे जहाँ चाहते थे वहां बम धमाके कर देते थे। जबकि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार आने के बाद आतंकी हमलों को सीमावर्ती क्षेत्रों तक सिमित कर दिया गया और पूरा देश सुरक्षित रहा।

Rohit Gangwal
By Rohit Gangwal , April 23, 2019

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