pm narendra modi ne namo app ke jariye mudra yojana ke labharthiyo se ki baat

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नमो ऐप के जरिए मुद्रा योजना के लाभार्थ‍ियों से की बातचीत

मोदी सरकार ने अप्रैल 2015 में मुद्रा योजना की शुरुआत करते हुए देशभर में छोटे और मध्यम कारोबार शुरू करने के लिए लाखों करोड़ रुपये के आसान कर्ज बांटे। मंगलवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नमो ऐप और वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिए मुद्रा योजना के लाभार्थ‍ियों से रूबरू हुए।


‘वित्‍त मंंत्री तक फोन कर लोन दिलवाते थे’


मुद्रा योजना के लाभार्थ‍ियों से वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछली सरकारों में लोन उनको मिलता था, जिसकी पहचान होती थी। पिछली सरकारों में सीएम या वित्‍त मंत्री खुद फोन कर अपने पसंद के उद्यमियों को लोन दिलवाते थे। पीएम नरेंद्र मोदी के अनुसार इस देश में एक ऐसा समय था, जब वित्त मंत्री खुद फोन कर के बड़े उद्योगपतियों को लोन दिलवाने के लिये क्या कुछ नही करते थे, दूसरी तरफ एक छोटा उद्यमी साहूकारों का ब्याज देने के चक्कर में पूरी जिंदगी ब्याज के कर्ज में डूब जाता था। मुद्रा योजना ने ब्याजखोर लोगों से देश के युवा लोगों को बचाया है।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछली सरकारों में राजनीतिक फायदों के लिए चलते थे लोन मेले। हम छोटे उद्यमियों को भी लोन देने के लिए मुद्रा योजना लेकर आए। मुद्रा योजना से आम लोगों के हुनर को पहचान मिली। मुद्रा योजना के 12 करोड़ लोगों में से 55% लोन देश के SC/ST/OBC समाज के युवाओं और महिलाओं को मिला है। मुद्रा योजना के तहत 6 लाख करोड़ रुपये लोन दिए गए।


सबसे ज्‍यादा लोन म‍हि‍लाओं और दलितों को

पीएम नरेंद्र मोदी ने दावा किया की मुद्रा योजना के तहत सबसे ज्‍यादा लोन महिलाओं, गरीब दलित लोगों को मिला है। मुद्रा योजना से युवाओं का पलायन रुका। लाभार्थ‍ियों से बातचीत करते हुए पीएम मोदी बोले कि मुद्रा योजना में बैंकों को सलाह दूंगा कि रिसर्च प्रोजेक्‍ट पर ज्‍यादा से ज्‍यादा लोन दें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि आजादी के बाद से ही हमारे देश में लाइसेंस राज की बीमारी हमने देखी है, लोन उसे मिलता था जिसकी पहचान होती थी, या नाम होता था, इस बहाने देश के मध्यम निम्न वर्ग को सिस्टम से बाहर खड़ा कर दिया गया, क्योंकि उसका ना नाम था, ना सिफारिश थी।

पिछली सरकारों में राजनीतिक फायदों के लिए चलते थे लोन मेले

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुसार आज से 25 से 30 साल पहले पॉलिटिकल बैनिफिट के लिये लोन मेले चलते थे, और जो राजनैतिक लोग थे, उनके साथ चेले चपाटे, ठेकेदार, वोटबैंक की राजनीति, ये बैंकों से रुपये मार ले जाते थे। हमने ये सिस्‍टम बदला था। हमने न लोन मेले किये, ना बिचौलिये को जगह दी, देश के नौजवान, मातायें बहने, जो खुद कुछ कार्य करना चाहते हैं, हमने अपने छोटे उद्यमियों पर उनके बिजनेस स्किल पर भरोसा किया, मुद्रा योजना के तहत उन्हें लोन दिया गया, तकि वो अपना कारोबार खोल सके।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग की शुरुआत में कहा कि मुझे मुद्रा योजना के कुछ लाभार्थियों के साथ बात करने का अवसर मिला, उनके संघर्ष, अनुभव, तरक्की की कहानियां संतोष भी देती है और मन को गर्व से प्रफुल्लित भी करती हैं। हमने हमारे छोटे उद्यमियों पर भरोसा किया. मुद्रा योजना के तहत उनको लोन दिया गया ताकि वो अपना कारोबार कर सके। मुद्रा योजना से न केवल स्वरोज़गार के अवसर बने बल्कि ये अपने आप में जॉब-मल्टीप्लायर के रूप में काम कर रहा है।

’28 प्रतिशत लोन पहली बार कारोबार शुरू करने वाले लोगों को’

मुद्रा योजना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले कि कई बार सरकार के पास योजनाओं के लिये फंड होता है लेकिन उसका उपयोग नहीं होता, लेकिन मुद्रा एक ऐसी योजना है जिसमें लक्ष्य से अधिक लोन दिये गये हैं, और 28% लोन उन्हें दिये गये जिन्होंने पहली बार अपना काम शुरू किया है। बिना बैंक गारंटी, कम ब्याज दरों पर कर्ज मिलने पर युवा अपने शहर या गांवो में रहते ही अपने दम पर कोई ना कोई रोजगार शुरु करता, आज गरीब से गरीब व्यक्ति को मुद्रा लोन मिल रहा है, सामान्य व्यक्ति भी मुद्रा लोन की मदद से उद्यमी बन सकता है।

लाभार्थियों ने बताई सक्‍सेस स्‍टोरी


मुद्रा योजना लाभार्थ‍ी नासिक के हरि गणौर ठाकुर ने बताया कि इस योजना ने उनकी जिंदगी बदल दी। मुद्रा योजना लाभार्थ‍ी कर्नाटक के मंजुनाथ ने बताया कि उन्‍होंने सरकारी नौकरी की जगह मुद्रा योजना से लोन लेकर अपना बिजनेस शुरू किया। अब वह समय से लोन भी चुका रहे हैं और 4 लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं। मुद्रा योजना लाभार्थ‍ी असम के हृदय डेका ने बताया कि मुद्रा लोन लेकर उन्‍होंने अपने चाय के बिजनेस को आगे बढाया। पीएम नरेंद्र मोदी ने इस पर कहा कि मतलब आप भी मेरे जैसे हो।

लोन लेकर भागने वालों पर निशाना

लाभार्थ‍ि‍यों की सक्‍सेस स्‍टोरी सुनकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, कि बड़े लोग लोन लेकर भागते हैं, गरीब लोग लोन चुकाकर सम्‍मान की जिंदगी जीना जानते हैं।

आपको बता दें कि मुद्रा योजना के तहत इस कर्ज को बांटने के पीछे सरकार की मंशा कारोबार को बूस्ट देने के साथ-साथ देश में रोजगार के नए संसाधन पैदा करना था।

वहीं आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के लाभार्थियों के साथ सीधी बातचीत के दौरान कहा था कि पिछली सरकार ने सिर्फ अमीरों को ही गैस कनेक्शन दिए जबकि यह कनेक्शन हमने गरीबों को दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उज्ज्वला योजना गरीबों, पिछड़े, दलित और आदिवासी समुदाय के लोगों के उत्थान का जरिया बनी है। सामाजिक सशक्तिकरण के लिए यह शुरुआत भर है। हमने उज्ज्वला योजना का लक्ष्य 5 करोड़ से बढ़ाकर 8 करोड़ किया है।

उन्होंने कहा था कि जिन 4 करोड़ लोगों को गैस कनेक्शन दिया गया उसमें करीब 45 फीसदी लोग दलित समुदाय से आते हैं। इस योजना के तहत करीब 4 करोड़ कनेक्शन गरीबी रेखा (बीपीएल) से नीचे आने वाले परिवारों को दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की वजह से देश की नारी शक्ति के सेहत में सुधार हो रहा है।

Prabhat Sharma
By Prabhat Sharma , May 29, 2018

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