Modi doing great job for the connection between India and NRIs

प्रवासी भारतीयों को भारत से जोड़ने के कार्य में सेतु का कार्य कर रहे हैं पीएम मोदी

आज़ादी के पहले भारत कई छोटे छोटे रियायतों में बंटा हुआ था। महात्मा गांधी ने पूरे भारत में घूम घूम कर आम लोगों में भारतीयता का संचार किया। जिसके परिणाम स्वरूप सन 1947 में भारत को स्वतंत्रता की प्राप्ति हुई। कुछ ऐसी ही भारतीयता का फैलाव वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने विश्वभर में रह रहे भारतीयों के मध्य किया है। जब से मोदी जी प्रधानमंत्री बने हैं तबसे उनकी जितनी भी विदेश यात्राएं हुई हैं उन सभी यात्राओं में उन्होंने उस देश में रह रहे भारतीयों से मुलाक़ात की है। इस प्रकार वे विश्व भर में रह रहे भारतीयों को भारत से जोड़ने वाले सेतु की तरह कार्य कर रहे हैं।


भारत की विविधता को एकता के सूत्र में बांधने का काम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले पांच सालों में किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश के अलग-अलग क्षेत्रों और राज्यों में रहने वालों को विकास की मुख्यधारा से ही नहीं जोड़ा है बल्कि विश्व के विभिन्न देशों में बसे भारतवासियों को भी भारत के विकास और संस्कृति से जोड़ने का काम किया है। भारत के साथ प्रवासी भारतीयों के भावनात्मक संबंध को प्रधानमंत्री मोदी ने दिल से समझा और उसे जीवंतता दी है। उन्होंने इसके लिए व्यक्तिगत स्तर पर तो कदम उठाये ही साथ ही साथ सरकार के स्तर पर भी कई कदम उठाए हैं।

जैसा की आपको ज्ञात होगा हर साल प्रवासी भारतीयों के लिए भारत में प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन किया जाता है। इस साल इस समारोह का भव्य समारोह प्राचीन सांस्कृतिक नगरी काशी में किया गया। काशी को भारत की सांस्कृतिक राजधानी के नाम से भी विश्व भर में जाना जाता है। ऐसे में इस शहर में आकर प्रवासी भारतीयों ने खुद को भारत की संस्कृति से जुड़ा हुआ पाया। यह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की दूरदृष्टि भी है की उन्होंने काशी को इस प्रकार के आयोजन के लिए चुना वह भी ऐसे वक़्त में जब काशी से कुछ ही दूरी पर स्थित प्रयागराज शहर में भारतीय संस्कृति का महोत्सव कुम्भ लगा हुआ है।


प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने प्रधानमंत्री के बाद से ही प्रवासी भारतीयों से सतत संवाद की शुरुआत कर दी थी जो आज भी जारी है चाहे वो विदेशों में प्रवासी भारतीयों से मिलना हो या भारत में उनका स्वागत करना हो मोदी जी हर जगह अपनी उपस्थिति दर्ज करवाते हैं। इस तरह के समारोहों से प्रवासी भारतीयों को अपने देश के प्रति अपनेपन का अहसास होता है और वे भारत के प्रति अपने दायित्व को समझते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने प्रवासी भारतीयों को भारत से जोड़ने के लिए उनकी सुविधाओं का पूरा ख्याल रखा है। आज प्रवासी भारतीय को वीजा के लिए एम्बेसी के ज्यादा चक्कर नहीं लगाने होते हैं और कुछ ही मिनटों में उनका काम हो जाता है। यही नहीं, आने-जाने के लिए हवाई सेवाओं की सुविधा को भी प्रवासी भारतीयों के लिए सुगम बना दिया गया है। सोशल मीडिया के माध्यम से विदेश मंत्रालय हर समस्या का समाधान करने को तत्पर रहता है जिससे विदेशों में रह रहे भारतीयों को तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।


आज प्रवासी भारतीय मोदी जी द्वारा बेहतर किये गए माहौल में भारत में निवेश के लिए प्रेरित हो रहे हैं। शायद इसी का परिणाम है कि आज प्रवासी भारतीय देश की इकोनॉमी में करोड़ों डॉलर का निवेश कर रहे हैं। ऐसा निवेश पहले संभव नहीं था पर अब मोदी जी के नेतृत्व में ईज आफ डूईंग बिजनेस की सूची में भारत को कई पायदान आगे कर दिया है जिस कारण बहुत सारे निवेशक भारत की तरफ खिंचे चले आ रहे हैं।


बहरहाल ये सब तो शुरुआत भर है, अभी विदेशों में रह रहे भारतीयों और भारत के बीच सेतु का कार्य कर रहे मोदी जी इस गठजोड़ को और ज्यादा मज़बूती देंगे और एक दिन ऐसा आएगा जब पूरे विश्व के भारतीय भारत में रह रहे भारतीयों के साथ कंधे से कंधा मिला कर आगे बढ़ेंगे।

Rohit Gangwal
By Rohit Gangwal , January 28, 2019
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